बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
अब ऐसा लगता है, जीने का तरीका बदल गया है…!!!
तेरी खामोशी भी टूट जाती है मेरी खामोशी में।
खुदा से दुआ की थी हम, तुम्हारे पास लौट आओ,
यादें वो आईना हैं जिन्हें मिटा नहीं सकते,
आंसू छुपा रहा हूँ तुमसे दर्द बताना नहीं आता
Preeta Singh is incredibly enthusiastic about Shayari & Poetries. She enjoys to write Shayari all through her college occasions and now pouring her creating like into you all by means of this attractive blog.
और हम बेवकूफ़, उन्हें दुआओं में याद रखते हैं।
पर अब सोचते हैं, क्या हमने सही किया क्या।
अब खो गया है वो रास्ता भी, जो हम दोनों ने मिलकर तय किया था,
यह जीने का तरीका भी अब तकलीफ दे ही रहा है।
लेकिन Sad Shayari सवाल ये है, क्या तुमने कभी हमें महसूस किया क्या।
अब मेरी दुनिया में सिर्फ़ तुम्हारी यादें और अकेलापन ही बचा है…!!!
अब सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।